Tuesday, October 11, 2011
अनुपपुर में धमाका संगीत का
अनुपपुर में नव चेतना दुर्गोत्सव समिति ने जब शहर में अभी हल में आये उनिओन बैंक के मेनेजर प्रदीप दुबे केसलाह से जब आर्केस्ट्रा चुना तब उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा होगा की उनका कार्यक्रम अनुपपुर के इतिहास का यादगार कार्यक्रम बन जायेगा .एक से बढ़कर एक कलाकारों से सजे संगीत ग्रुप ने शहर में वो समां बंधा की देर रात कार्यक्रम समाप्त करने की घोषणा के बाद भी हजारों लोगो ने मैदान नहीं छोड़ा और प्रोग्राम और चलने की माग करते रहे .मंच संचालक के रूप में प्रदीप दुबे में जो कमाल दिखाया वो बच्चे बच्चे की जुबान पे था की एक बैंक मेनेजर होने के बाद भी वो इतना अद्भुत सञ्चालन कैसे कर लेते है
Saturday, April 2, 2011
रीवा में सर्व स्वच्छता अभियान ,सर्व शिक्षा अभियान ,बाण सागर परियोजना ने बेचा सरकारी पैसा
रीवा मे भी मार्च की क्लोजिंग में बैंको की जमा राशि बढाने की होड़ का फायदा उठा कर जिला पंचायत ,जनपद पंचायत ,सर्व शिक्षा अभियान ,संपूर्ण स्वच्छता अभियान ,बाण सागर परियोजना और अनेक विभागों के अधिकारियो और बाबुओ ने खूब चाँदी काटी और लाखो रूपये कमा डाले । एक करोड़ का फंड जमा करने के लिए रेट था १० से २० हजार रूपये । क्या होगा इस देश का
सरकारी पैसो को बैंको को बेच कर लाखो कमाते है अफसर और बाबू
बैंको मे क्लोजिंग मे पैसे जमा करने और टार्गेट पूरा करने की होड़ मे जम कर चांदी काटते है वो लोग जिनके पास सरकारी पैसा आता है और एरिया का हर बैंक मेनेजर उस रकम को अपने बैंक मे जमा करने के लिए इन अफसरों के चक्कर काटता है उसे खुश करने की तरकीबे सोचता है । पर पिछले कुछ सालो से अब ये अफसर सीधे सीधे पैसे लेकर ये जमा बेचने लगे है । बैंक मेनेजर अब बोली लगाते है और जो जितना ज्यादा पैसे देता है ये अफसर उसी बैंक में ये पैसा जमा करा देते है । आप माने न माने पर हर एक करोड़ रूपये की रकम अपने बैंक में जमा कराने के लिए १० हजार से बीस हजार रूपये की रकम अदा करके बैंक मेनेजर ये रकमे इन दिनों जुटा रहे है । करोड़ो अरबो के सरकारी रकम सरकारी बैंको में जमा करने के लिए मची ये होड़ और इसके लिए हो रहा ये भ्रष्टाचार अब रोका जाना चाहिए और ये गलत स्पर्धा बंद होनी चाहिए .
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